।। हे दीनानाथ संभालो।। (सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण हेतू प्रभु से प्रार्थना -NNF)
।। हे दीनानाथ संभालो ।।
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भजन लीरिक्स:
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घनघोर अंधेरा छाया, विपदा से हमे निकालो-੨
अब एक सहारा तेरा, हे दीनानाथ संभालो-੨
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ऋषियों की इस धरती पर, फैली है इक महामारी।
संकट में हर मानव है और इक इक साँस है भारी।
भारत माँ के बच्चों को, हे मालिक आन बचालो।
अब एक सहारा तेरा....
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तेरी माटी के पुतले, बेबस लाचार पड़े हैं।
अब दया करो हे दाता, हम जोड़े हाथ खड़े हैं।
पानी सर से ऊपर है, अंतिम है समय ना टालो।
अब एक सहारा तेरा....
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जकड़ा बंधन में बंदा, डर डर के अब जीता है।
आ जाओ या फिर कह दो, झूठी मेरी गीता है।
भक्तों की रक्षा ख़ातिर, अब कर में चक्र उठालो।
अब एक सहारा तेरा....
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कितने अपनों को हम ने, बेवक्त यूँ ही खोया है।
जब जोर चला ना "नरसी" तेरे आगे रोया है।
जो छोड़ गये दुनिया को, गोदी में उन्हें सुलालो।
अब एक सहारा तेरा....
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(तर्ज: तुझे सूरज कहूँ या चाँद कहूँ)
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लेखक व गायक: श्री नरेश नरसी जी।
फतेहाबाद - हरियाणा।
मोबाइल नंबर: 9416241061
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Present By: YouTube Channel Bhakti Bhaav Records (BBR)
Sponserd By: Naresh Narsi Fatehabad (NNF)
Send By:
Pardeep Singhal (Jind Wale)
singhalpardeep.blogspot.com
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