कुछ दे या ना दे तेरी मर्जी (Lyrics & Voice: Sardar Romi Ji)


भजन लीरिक्स:

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झोली फैलाई मैंने दर पे तुम्हारे-੨

कुछ दे या ना दे तेरी मर्जी-੨

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तेरी दातारी के चर्चे बड़े हैं।

लाखों भिखारी तेरे दर पे खड़े हैं।

कितनों की पल में झोली खाली भर दी।

कुछ दे या ना दे....

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हारे के साथी हो कहता जमाना।

हमने भी आज तुझको है आजमाना।

दर पे ले आई तेरे खुदगर्जी।

कुछ दे या ना दे....

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दर दर मांगू दाता आदत नहीं है।

खाली लौटाना तेरी फिदरत नहीं है।

देखूंगा मैं भी तेरी मन मर्जी।

कुछ दे या ना दे.... 

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थोड़ी कृपा से तेरा क्या घट जायेगा।

मेरा तो दाता बस काम पट जायेगा।

"रोमी" को देने में है नहीं हर्जी।

कुछ दे या ना दे....

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इस भजन के लेखक व गायक:

सरदार श्री हरिमहेन्द्र सिंह "रोमी" जी को मेरा कोटि कोटि प्रणाम।

🙏🙏🙏🙏🙏

भजन प्रेषक: प्रदीप सिंघल

💟💟💟💟💟

(नोट: उद्देश्य सिर्फ इतना ही कि अच्छी रचनाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।)

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